शनिवार, 27 मार्च 2010

कठिन है जीवन की डगर ,
पर तेरे साथ ये सफ़र आसान सा लगता है !
ये ऐशो-आराम की दुनिया ,
इसमें कोई रस ही नहीं ,
साथ तेरा हो तो ,
रेगिस्तान भी नखलिस्तान सा लगता है !!
-प्रण-

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