बेचारी सास
एक छोटा सा परिवार -माँ , बेटा और बहू ! बस तीन प्राणी ! दो महीने पहले ही बेटे की शादी हुई है , सास बहू से परेशान है बहू दहेज़ में कुछ खास नही लाई, जब की उम्मीद थी - भरे पूरे परिवार से है ,खूब दहेज़ लाएगी !
परेशान सास ने एक दिन बालकोनी में बाल सुखा रही बहू को धक्का दे दिया ,बहू नीचे गिर गई ,बेटे को ऑफिस में ख़बर मिली तो दौड़ा आया ,माँ और पत्नी को पड़ोसियों ने अस्पताल में भरती करा दिया था , पत्नी की रीड की हड्डी टूट गई थी ,सदमे में थी कुछ बोल - पहचान नही रही थी और माँ ,बहू के बचने के सदमे और सज़ा के डर से दिल का दौरा पड़ने पर स्वर्ग सिधार गई थी !
लोग बातें कर रहे थे " कितना प्यार करती थी , अपनी बहू को , सदमा न सहन न कर सकी बेचारी " सिधार गई !
परेशान सास ने एक दिन बालकोनी में बाल सुखा रही बहू को धक्का दे दिया ,बहू नीचे गिर गई ,बेटे को ऑफिस में ख़बर मिली तो दौड़ा आया ,माँ और पत्नी को पड़ोसियों ने अस्पताल में भरती करा दिया था , पत्नी की रीड की हड्डी टूट गई थी ,सदमे में थी कुछ बोल - पहचान नही रही थी और माँ ,बहू के बचने के सदमे और सज़ा के डर से दिल का दौरा पड़ने पर स्वर्ग सिधार गई थी !
लोग बातें कर रहे थे " कितना प्यार करती थी , अपनी बहू को , सदमा न सहन न कर सकी बेचारी " सिधार गई !
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