मंगलवार, 17 फ़रवरी 2009

- इससे पहले कि -

आओ डूब जाए प्रेम के समंदर में ,
इस से पहले कि चर्चे आम हो जाए !

सुना है बड़ी कठिन डगर है प्रेम की ,
चलो ! चलें ! इस से पहले कि उमंगें शांत हो जाए !

आओ जी ले प्रेम की दुनिया में ,
इस से पहले कि जिंदगी की शाम हो जाए !

6 टिप्‍पणियां:

  1. आप का ब्लॉग अच्छा लगा खासकर ये साइड वाला विडगेट ,पर ये ऑटोमेटिक शुरू हो जाता है जो एक प्रॉब्लम है .
    हो सके तो सही कर लें . कभी हमारा ब्लॉग भी देखें . सुझाव भी दें . सरपरस्त.ब्लागस्पाट.कॉम sarparast.blogspot.com

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  2. ब्लोग जगत मे स्वागत
    शुभकामनाएं
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    www.chitrasansar.blogspot.com

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  3. आओ जी ले प्रेम की दुनिया में ,

    इस से पहले कि जिंदगी की शाम हो जाए !
    Acchi shuruaat, Swagat.

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  4. सुंदर अभिव्यक्ति !चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है !
    अच्छा लगा पढ़कर .../

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  5. आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है .आपका लेखन सदैव गतिमान रहे ...........मेरी हार्दिक शुभकामनाएं......

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  6. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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