रविवार, 15 फ़रवरी 2009

काश


काश कि -
चलन होता दिल चीर के दिखाने का ,
तो तुम देखते ,मेरे दिल में तुम ही तुम हो !
काश कि -
चलन होता यादें दिखाने का ,
तो तुम देखते ,मेरी यादों में तुम ही तुम हो !
काश कि -
चलन होता मन दिखाने का ,
तो तुम देखते ,मेरे मन में तुम ही तुम हो !

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें