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Praveen Gulati
शनिवार, 13 मार्च 2010
दिल
चुराना
और
न
लौटाना
ये
अदा
है
हसीनाओ
की
,
मुझे
मालूम
है
कि
तुझ
से
हसीं
और
कोई
नहीं
!
1 टिप्पणी:
कडुवासच
13 मार्च 2010 को 12:39 am बजे
...बहुत खूब !!!!
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...बहुत खूब !!!!
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